



नापासर टाइम्स। कस्बे में बालिकाओं व नव विवाहिताओं में गणगौर पूजन को लेकर गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है,सुबह शाम गणगौर के मधुर गीतों के साथ गणगौर का पूजन किया जा रहा है,होली के दूसरे दिन से शुरू हुआ गणगौर पूजन इन दिनों पूरे कस्बे में परवान पर है। श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जा रहे इस महोत्सव में हर मोहल्ले और घर-घर से गणगौर के बनोरे निकाले जा रहे हैं।
युवतियों, बालिकाओं और महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर गणगौर माता की पूजा-अर्चना की जा रही है। “घुड़लो घुमेला जी घुमेला…” जैसे पारंपरिक गीतों की मधुर धुनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
शाम के समय मोहल्लों में समूह बनाकर महिलाएं और बालिकाएं बनोरे लेकर निकलती हैं, जहां लोकगीत गाते हुए गणगौर माता का गुणगान किया जाता है। इस दौरान पूरे कस्बे में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
गणगौर पर्व को लेकर खासकर युवतियों में विशेष उत्साह नजर आ रहा है, जो अच्छे वर की कामना और सुख-समृद्धि के लिए विधि-विधान से पूजन कर रही हैं। कुल मिलाकर नापासर में गणगौर महोत्सव पूरे उल्लास, आस्था और परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। नापासर पट्टा बास में गणगोर व ईशर का गुडला घुमाया,इन्द्रा जोशी,कुसम पारीक,प्रियंका जोशी,ममता जोशी,कोशलया जोशी, पिंकी जोशी, मान्यता जोशी,शानु पारीक, रोनक जोशी, पुजा जोशी,नेहा सुथार,अंकिता जोशी ने गणगौर उत्सव मनाया।गांधी चौक में नीरजा,ज्योति,नेहा जयश्री,कृतिका,निशा,डिम्पल ने घुड़ला घुमाया,पारीक चौक में नानूराम पारीक के घर पर युवतियो व महिलाओं ने गणगौर के पारंपरिक मधुर गीतों के साथ गणगौर महोत्सव मनाया।

