नापासर टाइम्स एक्सक्लूजिव न्यूज। होली पर्व को लेकर चल रहे संशय को दूर करते हुए विख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य रामरतन दाधीच ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च सोमवार को शाम 6:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक किया जा सकेगा।
आचार्य रामरतन महाराज ने बताया कि 2 मार्च की संध्या में गोधूलि वेला के शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा के मुख काल को छोड़कर शेष समय में होलिका दहन किया जा सकता है। अतः श्रद्धालु बिना किसी भ्रम के निर्धारित समय में विधि-विधान से पूजन कर सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि धुलण्डी (रंगोत्सव) 3 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन यदि चन्द्रग्रहण का सूतक काल भी हो, तब भी रंगों का त्योहार मनाने में किसी प्रकार का शास्त्रीय विवाद नहीं है।
आचार्य ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि आपसी प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ होली का पर्व मनाएं तथा अनावश्यक अफवाहों से बचें।
संदेश स्पष्ट है — संशय छोड़ें, परंपरा निभाएं और हर्षोल्लास से होली मनाएं

