
मेन बाजार से टेलीफोन एक्सचेंज गली तक सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार द्वारा सड़क को सही तरीके से दुरुस्त नहीं किया गया। मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी गई, जिससे रास्ते में गड्ढे, पत्थर और ऊबड़-खाबड़ हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थिति यहीं नहीं रुकी — बाजार से चुंगी तक नई सीसी सड़क बनाने के नाम पर पुरानी मजबूत सड़क को भी उखाड़ दिया गया। जबकि पीएनबी बैंक से चुंगी तक पहले से ही अच्छी सीसी सड़क मौजूद थी। अब इस अधूरे काम और लगातार हो रही बारिश ने हालात को और भयावह बना दिया है। मेन बाजार से चुंगी चौकी तक का रास्ता अब कीचड़, गड्ढों और फिसलन का जाल बन चुका है। दुपहिया वाहन चालकों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, वहीं चारपहिया वाहन भी मुश्किल से निकल पा रहे हैं। शुक्रवार को तो हालात इतने बिगड़ गए कि सीमेंट कट्टों से भरी ट्रॉली तक सड़क में धंस गई, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थानीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि न तो कोई जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही नगरपालिका प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है। भाजपा का शासन होने और कस्बे में बहुमत होने के बावजूद आमजन की समस्याओं की अनदेखी हो रही है।
नापासर की जनता अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है मानो कस्बा “लावारिस” हो गया हो, जिसका कोई जिम्मेदार नहीं है।
अब बड़ा सवाल ये है —
क्या प्रशासन इस गंभीर स्थिति को समय रहते सुधारेगा या फिर जनता को यूं ही परेशानी झेलनी पड़ेगी?
👉 नापासर टाइम्स लगातार इस मुद्दे को उठाता रहेगा…

