नापासर टाइम्स। नापासर नगर पालिका क्षेत्र की एकमात्र भारत गैस एजेंसी को ग्रामीण श्रेणी में शामिल किए जाने के फैसले का क्षेत्रवासियों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गैस सिलेंडर की आपूर्ति लगभग 25 दिनों में हो जाती थी, लेकिन अब ग्रामीण श्रेणी में आने के बाद बुकिंग के करीब 45 दिन बाद सिलेंडर मिलने की बात कही जा रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी परिवार के लिए एक सिलेंडर का 45 दिनों तक चलना संभव नहीं है। इसे आमजन की जरूरतों के साथ अन्याय बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि नापासर स्वयं नगर पालिका क्षेत्र है और इसके आसपास के कई गांव भी बीडीपी बीकानेर के अंतर्गत आते हैं, ऐसे में एजेंसी को ग्रामीण श्रेणी में रखना उचित नहीं है।
इस मुद्दे को लेकर देहात भाजपा उपाध्यक्ष जसवंत दैया और नापासर भाजपा मंडल अध्यक्ष दीनदयाल भाटी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा से वार्ता कर समाधान का प्रयास करेंगे। कस्बे के नागरिकों ने भी विरोध दर्ज करवाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
नापासर में गैस एजेंसी को ग्रामीण श्रेणी का दर्जा देने का विरोध, 25 की जगह 45 दिन में सिलेंडर आपूर्ति पर नागरिको में फैल रहा है आक्रोश

