
कस्बे के अलग-अलग मोहल्लों में युवाओं की टोलियों ने चंग की थाप पर पारंपरिक होली गीत गाकर उत्सव का आनंद लिया। वातावरण फाग गीतों से गुंजायमान रहा, जिससे पूरा क्षेत्र होली के रंग में रंगा नजर आया।
मंगलवार सुबह चन्द्रग्रहण का सूतक लग जाने के कारण अधिकांश क्षेत्रों में धुलण्डी का पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। परंपरा अनुसार “राम-राम” भी बुधवार को ही किया जाएगा।
चन्द्रग्रहण काल के दौरान मंगलवार शाम साढ़े तीन बजे से सात बजे तक कस्बे में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। गांधी चौक, पारीक चौक, जाट मोहल्ला सहित अनेक स्थानों पर हवन-कीर्तन आयोजित किए गए, जिनमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर मंगलकामनाएं कीं।
होली का पर्व आपसी भाईचारे, सद्भाव और प्रेम का संदेश देता है। नापासर में शांतिपूर्ण एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में यह पर्व मनाया जाना क्षेत्र की सामाजिक एकता का परिचायक रहा।

