
नापासर टाइम्स। नापासर नगर पालिका क्षेत्र में हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह मौन नजर आ रहा है। कस्बे का मेन बाजार और एकमात्र मुख्य रास्ता स्टेशन रोड आज बदहाली की मिसाल बन चुका है। आमजन पूछ रहा है—क्या नापासर का कोई धनी-धोरी है भी या नहीं?
स्टेशन रोड पर पहले सीवरेज लाइन डाल दी गई, लेकिन इसके बाद 10 से 15 दिन बीत जाने के बावजूद सड़क को सही नहीं किया गया। जगह-जगह मिट्टी के ढेर, उबड़-खाबड़ रास्ता और पेयजल लाइनों में लीकेज से फैला कीचड़ हालात को और भयावह बना रहा है। स्थिति यह है कि दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
हालांकि बालाजी स्टोर से चुंगी चौकी तक 3 करोड़ रुपये की सीसी सड़क को कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ। जनता सवाल कर रही है कि जब स्वीकृति मिल चुकी है तो काम शुरू होने में देरी क्यों?
इधर मेन बाजार के नेताजी पार्क के पास सीसी ब्लॉक सड़क का कार्य भी बेहद धीमी गति से चल रहा है। बीच रास्ते में कंक्रीट और बजरी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे पैदल राहगीर, दुकानदार और वाहन चालक सभी परेशान हैं। अधूरे कार्य से बाजार की व्यवस्था चरमरा गई है।
इस संबंध में रामकिशन झंवर, पवन माली, देवकिशन पारीक, रामवतार पारीक, शिवशंकर करनाणी, शुभम पारीक, छगनलाल सुथार, राजू तंवर, रामचन्द्र दैया, गोविंदराम कोठारी, पवन मूंधड़ा, ओमप्रकाश पारीक, बिरजू राठी, बुलाकी बाहेती, रामकिशन बाहेती, नानूराम पारीक सहित अनेक नागरिकों ने तीखा रोष जताते हुए कहा कि कस्बे का मुख्य रास्ता और मेन बाजार दोनों ही बदहाली की कगार पर हैं, लेकिन प्रशासन केवल कागजी कार्रवाइयों तक सीमित है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क सुधार और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

